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US intelligence agencies started investigation, was corona virus made in China's lab?

अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने की जांच शुरू, क्या चीन की लैब में बना था कोरोना वायरस?

दुनिया के ज्यादातर वैज्ञानिकों के मुताबिक नोवल कोरोना वायरस (Coronavirus) कोविड-19 वायरस चमगादड़ और पेंगोलिन के जरिए मनुष्यों में फैला है. हालांकि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को इस बात पर अभी भी शक है और उन्होंने इस बात की जांच करना शुरू कर दिया है कि असल में इस वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई है. दरअसल, CIA और अन्य अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को कई ऐसे सबूत मिले हैं जो कोरोना वायरस (Covid19) को वुहान (Wuhan) की एक लैब में बनाए जाने की तरफ इशारा कर रहे हैं.

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CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर कई तरह की थियरी सामने आई हैं लेकिन इनमें से सच कौन सी है इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने तय किया है कि किसी भी थियरी पर भरोसा करने की जगह इस बात की जांच करके असल बात को सामने लाना ज़रूरी है. यूएस इंटेलीजेंस सोर्सेज के मुताबिक ट्रंप के समर्थकों ने चीन को दोषी ठहराने के लिए कई ऐसी फर्जी बातें सोशल मीडिया के जरिए फैलाई हुई हैं. हालांकि इसमें से एक थियरी ऐसी है जिसकी जांच ख़ुफ़िया एजेंसी भी कर रहीं हैं.

क्या है वो थियरी?
सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को ऐसी ही एक थियरी से जुड़े कुछ सबूत हाथ लगे हैं. इसके मुताबिक कोरोना चीन के किसी मार्केट से नहीं फैला है बल्कि इसे वुहान शहर की एक लैब में ही बनाया गया है. इस थियरी के मुताबिक कोरोना को एक बायोवेपेन की तरह डवलप किया जा रहा था लेकिन एक छोटी सी गलती के चलते ये आम लोगों के संपर्क में आया गया. लैब में ही काम करने वाले एक शख्स से छोटा सा हादसा हो गया और वो खुद इन्फेक्टेड हो गया. इसके बाद उसने अनजाने में इसे लैब के लिए कई दूसरे लोगों और वुहान के बाज़ार तक पहुंचा दिया. सूत्रों के मुताबिक अमेरिकन ख़ुफ़िया एजेंसी फिलहाल इसी थियरी की जांच कर रहीं हैं. हालांकि पूरी दुनिया में कोरोना के फ़ैल जाने के बाद अब इसकी असल उत्पत्ति का पता लगाना बेहद मुश्किल माना जा रहा है.

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जॉइंट चीफ ऑफ़ स्टाफ चेयरमैन मार्क मिली ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी एजेंसियां इस बात का पता लगा रहीं हैं कि कहीं कोरोना को किसी लैब में तो तैयार नहीं किया गया था. मार्क ने कहा फिलहाल तो यही लग रहा है कि ये वायरस नेचुरल है लेकिन फिर भी हम जांच कर हर बात की पुष्टि कर लेना चाहते हैं. चीन की लैब में कोरोना के तैयार होने का शक सबसे पहले याहू न्यूज़ और फॉक्स न्यूज़ ने जताया था और बाद में प्रेजिडेंट ट्रंप ने भी इसका समर्थन किया था.

चीन ने कर दिया है इनकार
चीन की सरकार ने वुहना की लैब से कोरोना वायरस के फैलने की ख़बरों को पहले ही सिरे से खारिज कर दिया है और कई अन्य एक्सपर्ट भी इस थियरी से इत्तेफाक नहीं रखते हैं. चीन ने जिस तरह से अपने देश में कोरोना पर काबू पाया है उससे भी इस बात का शक होता है कि उन्हें इस वायरस से होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों का पहले से अंदाजा था. साल 2018 में ही वाशिंगटन पोस्ट ने भी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें वुहान के इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी बायोलैब पर काफी गंभीर आरोप लगाए गए थे. हालांकि अमेरिका के पास अभी भी चीन पर इल्जाम लगाने के लिए कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है.

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के मुताबिक US चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से वुहान के उस बाज़ार में जाकर छानबीन करने की इजाजत मांगी थी जहां से कोरोना फैलने का दावा किया जा रहा है. अगर चीन ने इससे इनकार नहीं किया होता तो वक़्त पर इस वायरस को दुनिया में फैलने से रोका जा सकता था. चीन की आनाकानी के बाद से ही तमाम एजेंसियों का शक और भी मजबूत हो गया है और अब ये पता लगाना ज़रूरी है कि इस वायरस की असल उत्पत्ति कहां से हुई है.

Credit : News18

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